Thursday, February 26, 2009

Shoonya (शून्य)

शून्य क्या है?

अनंत ब्रह्मांड की गहराई
में ताकता मैं और उसके,
खालीपन का एहसास कराता
एक अजीब सा सन्नाटा जिसमें,
ना चाहते हुए भी मुझे,
समंदर में गोता लगाने के
समान आभास होता है ।

मैं बेचैन हो इधर-उधर उसकी,
तपिश से बचने की कोशिश
में अपने आप को समेटे,
भागने की तैयारी में लगा,
यही सोचते हुए कि किसी
तरह मैं उस से बच
निकलने में कामयाब हो जाऊँ ।

पर क्या कोई कभी अपने
आप से भी भाग सका है?
मेरे अस्तित्व का भूस्खलन इस
बात का जीता प्रमाण है,
अभी भी वही अनसुलझा हुआ,
आदि से लेकर अंत तक
बस यही एक प्रश्न;

शून्य क्या है?

-प्रत्यूष गर्ग Pratyush Garg
२६-०२-०९ 26-02-09

3 comments:

Rahul Mourya said...

nice one buddy,kafi gahrai mein sochna padta hoga naaa...

Vaibhav Jain said...

शून्य to hum hain tumhare aage...
amazing work.. looking like u r working very hard to reach that level... awesome.. keep it up

pallavi said...

it was awesome....go ahead..